रानी लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ योजना, गà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¸à¤à¤¾ के निरà¥à¤¬à¤² उन परिवारों को जिनका नाम गà¥à¤°à¤¾à¤® सà¤à¤¾ की बी.पी.à¤à¤². सूची में दरà¥à¤œ हो, किनà¥à¤¤à¥ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरकार की कोई सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ न हो, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रानी लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ योजना से लाà¤à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¿à¤¤ किया जाता है। जाॅब कारà¥à¤¡ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¸à¤à¤¾ के समसà¥à¤¤ परिवार जो मनरेगा के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त मजदूरी आय वरà¥à¤§à¤¨ के लिठकरना चाहते हैं, उनका जाॅब कारà¥à¤¡ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ व सà¥à¤µà¤°à¥‹à¤œà¤—ार सेवक के माधà¥à¤¯à¤® से बनाया जाता है जिससे उन परिवार की 100 दिन के काम का अधिकार मिल सके।
गà¥à¤°à¤¾à¤® पंचायत
गà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¸à¤à¤¾ नियारडीह चोलापà¥à¤° बà¥à¤²à¤¾à¤• से उतà¥à¤¤à¤° 12 किमी0 की दूरी पर है, यह वाराणसी जिला का अंतिम गाॅव है जो जौनपà¥à¤°-गाजीपà¥à¤° के बारà¥à¤¡à¤° पर माॅ गोमती नदी के तट पर बसा हà¥à¤† है। यहाॅ पर लोगों की आजीविका मà¥à¤–à¥à¤¯ शà¥à¤°à¥‹à¤¤ खेती के साथ-साथ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के दà¥à¤•ान जैसे – कपड़े की, सोने-चाॅदी की, परचून की, पान की,